Thursday, 09 July 2026
00:00:00
Breaking
Rajya Shaherनाली निर्माण में मानक के विपरीत सामग्री लगाने का आरोप, लोगों ने किया प्रदर्शन Rajya Shaherकई दौर की वार्ता तहसीलदार से बेनतीजा ... SDM सदर धरने पर आये मगर कोई बात नही बनी Rajya Shaherराहुल पाण्डेय के नेतृत्व में जुगैल के आदिवासियों ने पांच सूत्रीय मांगों को लेकर कलेक्ट्रेट में सौंपा ज्ञापन। Rajya Shaherविशाल भोजनदान के साथ सम्पन्न हुआ बुद्ध विहार गंगौली में आयोजित वर्षावास कार्यक्रम Careerएक्सेल कंप्यूटर का वार्षिकोत्सव धूमधाम से संपन्न, शिक्षक-समाजसेवी एवं मेधावी छात्र हुए सम्मानित Trending Newsहरहुआ के करोमा गांव में 15 साल से बंद राजकीय नलकूप के रिबोर का रास्ता साफ, जमीन की पैमाइश के बाद काम शुरू Rajya Shaherलोकल फाल्ट तत्काल दूर करें बिजली विभाग -डा. मनोज कुमार पांडेय Rajya Shaherजिले में आयोजित होगा राष्ट्रीय वैश्य महासम्मेलन, मंच पर दिखेंगे बड़े नेता वैश्य समाज ने बनाई 2027 की रणनीति सम्मेलन के माध्यम से दिखाएगी अपने ताकत Rajya Shaherसिन्दुरिया एक्सीलेंस सेंटर के निर्माण में धीमी प्रगति पर डीएम नाराज, कार्यदायी संस्थाओं को कड़े निर्देश Rajya Shaherबैरहवा टोले में घर के अंदर 45 वर्षीय महिला की संदिग्ध मौत, बेटे ने देखा शव तो मचा हड़कंप
Career

उत्तर प्रदेश राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने जी.एल. बजाज सेंटर फॉर रिसर्च एंड इनक्यूबेशन को "एकेटीयू लीडर इनक्यूबेटर अवार्ड 2026" से किया सम्मानित

Breaking
नाली निर्माण में मानक के विपरीत सामग्री लगाने का आरोप, लोगों ने किया प्रदर्शन कई दौर की वार्ता तहसीलदार से बेनतीजा ... SDM सदर धरने पर आये मगर कोई बात नही बनी राहुल पाण्डेय के नेतृत्व में जुगैल के आदिवासियों ने पांच सूत्रीय मांगों को लेकर कलेक्ट्रेट में सौंपा ज्ञापन। विशाल भोजनदान के साथ सम्पन्न हुआ बुद्ध विहार गंगौली में आयोजित वर्षावास कार्यक्रम एक्सेल कंप्यूटर का वार्षिकोत्सव धूमधाम से संपन्न, शिक्षक-समाजसेवी एवं मेधावी छात्र हुए सम्मानित हरहुआ के करोमा गांव में 15 साल से बंद राजकीय नलकूप के रिबोर का रास्ता साफ, जमीन की पैमाइश के बाद काम शुरू लोकल फाल्ट तत्काल दूर करें बिजली विभाग -डा. मनोज कुमार पांडेय जिले में आयोजित होगा राष्ट्रीय वैश्य महासम्मेलन, मंच पर दिखेंगे बड़े नेता वैश्य समाज ने बनाई 2027 की रणनीति सम्मेलन के माध्यम से दिखाएगी अपने ताकत सिन्दुरिया एक्सीलेंस सेंटर के निर्माण में धीमी प्रगति पर डीएम नाराज, कार्यदायी संस्थाओं को कड़े निर्देश बैरहवा टोले में घर के अंदर 45 वर्षीय महिला की संदिग्ध मौत, बेटे ने देखा शव तो मचा हड़कंप
News cover
ADHUNIK NEWS ,8 September 2026, (Update 7 October 2026, 2:01 AM UTC)
By 76 Views
यह पुरस्कार एकेटीयू इनक्यूबेटर्स अवार्ड्स 2026 समारोह में प्रदान किया गया, जिसमें एकेटीयू से संबद्ध विभिन्न इनक्यूबेशन केंद्रों से आवेदन आमंत्रित किए गए थे और उनके कार्यों एवं उपलब्धियों के आधार पर चयन किया गया।

नोएडा वैश्विक स्तर पर नवाचार एवं स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्र को बढ़ावा देने की दिशा में कार्यरत जी.एल. बजाज सेंटर फॉर रिसर्च एंड इनक्यूबेशन (जीएलबीसीआरआई), जी.एल. बजाज इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड मैनेजमेंट (जीएलबीआईटीएम), ग्रेटर नोएडा को डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम तकनीकी विश्वविद्यालय (एकेटीयू), लखनऊ द्वारा प्रतिष्ठित "एकेटीयू लीडर इनक्यूबेटर अवार्ड 2026" से सम्मानित किया गया।

यह पुरस्कार एकेटीयू इनक्यूबेटर्स अवार्ड्स 2026 समारोह में प्रदान किया गया, जिसमें एकेटीयू से संबद्ध विभिन्न इनक्यूबेशन केंद्रों से आवेदन आमंत्रित किए गए थे और उनके कार्यों एवं उपलब्धियों के आधार पर चयन किया गया।

पुरस्कार समारोह में उत्तर प्रदेश की माननीय राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल, एकेटीयू के कुलपति, डॉ. दीपक बागला, मिशन डायरेक्टर, अटल इनोवेशन मिशन (एआईएम), एकेटीयू के वित्त अधिकारी एवं कुलसचिव, तथा श्री हिमांशु कौशिक जी, आईएएस, प्रबंध निदेशक, यूपीएलसी सहित अनेक गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।
यह सम्मान जीएलबीसीआरआई द्वारा नवाचार, उद्यमिता, स्टार्टअप इनक्यूबेशन, प्रौद्योगिकी विकास तथा उत्तर प्रदेश में मजबूत नवाचार एवं स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्र के निर्माण के लिए किए जा रहे निरंतर प्रयासों की महत्वपूर्ण पहचान है।

इस उपलब्धि पर जी.एल. बजाज एजुकेशनल इंस्टीट्यूशंस के वाइस चेयरमैन श्री पंकज अग्रवाल एवं सीईओ श्री कार्तिकेय अग्रवाल ने जीएलबीसीआरआई एवं जीएलबीआईटीएम की पूरी टीम को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।

यह पुरस्कार जीएलबीआईटीएम एवं जीएलबीसीआरआई की पूरी टीम के लिए गर्व का विषय होने के साथ-साथ भविष्य में नवाचार और उद्यमिता के क्षेत्र में और अधिक समर्पण एवं ऊर्जा के साथ कार्य करने की प्रेरणा भी प्रदान करता है।

जीएलबीआईटीएम की उपलब्धियों की यात्रा में यह एक और महत्वपूर्ण मील का पत्थर है।

ओडिशा के नृत्य का नाम सुनते ही सबसे पहले शास्त्रीय ओडिसी डांस का ख्याल आता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि ओडिसी नृत्य की जड़ें एक प्राचीन लोक नृत्य गोटीपुआ में छिपी हैं? माना जाता है कि शास्त्रीय ओडिसी भी इसी गोटीपुआ परंपरा से प्रेरित होकर विकसित हुआ। गोटीपुआ में भक्ति, कला, योग और एक्रोबैटिक्स का अनोखा संगम देखने को मिलता है।

— End of News —

Share this article

🎉 Subscribed!
You'll receive our newsletter at your email.