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कार्डिफ कैसल पर पाकिस्तानी झंडा फहराने को लेकर विवाद, रिफॉर्म यूके ने किया विरोध

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ADHUNIK NEWS ,8 September 2026, (Update 7 October 2026, 2:01 AM UTC)
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ब्रिटेन के वेल्स स्थित कार्डिफ कैसल पर पाकिस्तान का झंडा फहराने को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। दक्षिणपंथी पार्टी रिफॉर्म यूके ने इसका कड़ा विरोध जताया है।

ब्रिटेन के वेल्स स्थित कार्डिफ कैसल पर पाकिस्तान का झंडा फहराने को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। दक्षिणपंथी पार्टी रिफॉर्म यूके ने इसका कड़ा विरोध जताया है।
बीबीसी की रिपोर्ट के अनुसार, रिफॉर्म यूके के सीनियर नेता रॉबर्ट जेनरिक ने सोशल मीडिया पर कार्डिफ कैसल पर पाकिस्तानी झंडा फहराए जाने का वीडियो शेयर किया। उन्होंने कहा कि ऐतिहासिक इमारतों पर विदेशी झंडे फहराना बंद होना चाहिए।

कार्डिफ काउंसिल के लेबर नेता क्रिस वीवर ने स्पष्ट किया कि 14 अगस्त को पाकिस्तान के स्वतंत्रता दिवस पर झंडा फहराने का उद्देश्य कार्डिफ में रहने वाले पाकिस्तानी समुदाय के योगदान को सम्मान देना था। उन्होंने बताया कि 15 अगस्त को भारत के स्वतंत्रता दिवस के मौके पर भारतीय झंडा भी फहराया गया था। काउंसिल के अनुसार, 9 अगस्त को भी एक कार्यक्रम में पाकिस्तानी झंडा फहराया गया था, जो रातभर लगा रहा।

वेल्श कंजरवेटिव सांसद नताशा असगर ने रिफॉर्म यूके के विरोध की आलोचना करते हुए कहा कि वे पाकिस्तानी, भारतीय और पोलिश समुदायों के झंडा फहराने के कार्यक्रमों में शामिल हो चुकी हैं। उन्होंने जोर दिया कि ये कार्यक्रम किसी समुदाय का कब्जा नहीं, बल्कि एक-दूसरे के प्रति सम्मान का प्रतीक हैं।

रिफॉर्म यूके का बढ़ता प्रभाव
ब्रिटेन की राजनीति में करीब 100 साल से लेबर और कंजरवेटिव पार्टियों का दबदबा रहा है। लेकिन नाइजल फराज की अगुवाई वाली दक्षिणपंथी पार्टी रिफॉर्म यूके इस समीकरण को बदलती नजर आ रही है। कई सर्वेक्षणों में पार्टी को करीब 35 प्रतिशत समर्थन मिल रहा है और वह अन्य पार्टियों से आगे चल रही है।
पार्टी की पकड़ अब सिर्फ इंग्लैंड तक सीमित नहीं है। वेल्स और स्कॉटलैंड में भी उसका समर्थन बढ़ रहा है। इमिग्रेशन और महंगाई इसके बढ़ते लोकप्रियता के मुख्य कारण बताए जा रहे हैं। फराज लगातार छोटी नावों से इंग्लिश चैनल पार कर ब्रिटेन पहुंचने वाले लोगों के मुद्दे को उठाते हैं और बड़ी पार्टियों पर इमिग्रेशन रोकने में नाकामी का आरोप लगाते हैं।

कंजरवेटिव पार्टी को नुकसान
रिफॉर्म यूके के मजबूत होने से सबसे ज्यादा नुकसान कंजरवेटिव पार्टी को हो रहा है। 2024 के आम चुनाव में कंजरवेटिव को बड़ी हार झेलनी पड़ी थी। रिफॉर्म यूके को तब 14.3 प्रतिशत वोट मिले थे और उसने 5 सीटें जीती थीं। 2026 के स्थानीय चुनावों में पार्टी का प्रदर्शन और मजबूत रहा। इंग्लैंड में रिफॉर्म यूके ने 1,454 काउंसिल सीटें जीतीं और 14 काउंसिलों में बहुमत हासिल किया, जबकि कंजरवेटिव केवल 801 सीटें ही जीत पाए।

यह रुझान बताता है कि कंजरवेटिव के पारंपरिक मतदाताओं का एक बड़ा हिस्सा अब रिफॉर्म यूके की ओर शिफ्ट हो रहा है। पार्टी अब कंजरवेटिव से नाराज लोगों के साथ-साथ लेबर से निराश मतदाताओं को भी अपने पाले में लाने की कोशिश कर रही है

पुलिस, प्रशासन और 'नैनी यूथ टीम' के समन्वय से दूसरे सोमवार पर दर्शन रहे सुगम और शांतिपूर्ण

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